हाथरस।जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ शुरू हुआ निस्वार्थ सेवा संस्थान का रोटी बैंक लगातार सेवा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। गांधी पार्क तिराहा, अलीगढ़ रोड पर संचालित रोटी बैंक ने लगातार 3200 दिन की सेवा पूरी कर ली है। खास बात यह है कि इतने लंबे सफर में एक भी दिन भोजन सेवा बंद नहीं हुई।
निस्वार्थ सेवा संस्थान द्वारा संचालित रोटी बैंक का संकल्प है— “भूख से हम रोने नहीं देंगे, भूखा हम सोने नहीं देंगे।” इसी उद्देश्य के साथ प्रतिदिन जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि शहर के लोग अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर रोटी बैंक में प्रसादी बुक कराते हैं। पिछले कई वर्षों से ऐसा कोई दिन नहीं बीता, जब किसी ने प्रसादी बुक न कराई हो। यह शहरवासियों के सहयोग और सेवा भावना का प्रमाण है।
रोटी बैंक के साथ-साथ संस्थान मूक पशुओं की सेवा, निर्धन कन्याओं के विवाह में कन्यादान सहयोग, रक्तदान शिविर, अज्ञात शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार और डिजिटल शिक्षा जैसे सामाजिक कार्यों में भी योगदान दे रहा है।
रोटी बैंक के इंचार्ज तरुण राघव ने कहा कि भविष्य में भी सेवा कार्यों का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने समाज के लोगों से इस सेवा अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की।
इस सेवा कार्य में संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव नीरज गोयल, कोऑर्डिनेटर डॉ. रंगेश शर्मा, सह-सचिव तरुण राघव, निष्कर्ष गर्ग, सतेंद्र मोहन, अवधेश कुमार बंटी, दीपांशु वार्ष्णेय, आलोक अग्रवाल, ओम प्रकाश वर्मा, कान्हा, प्रिंस गोयल, मयंक वार्ष्णेय सहित अन्य लोग नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
समाजसेवा की यह मिसाल संदेश दे रही है कि अगर संकल्प मजबूत हो और लोगों का सहयोग मिले, तो कोई भी जरूरतमंद भूखा न सोए।










