हाथरस। अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में अंतिम चयन सूची में बिना किसी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के 6 से 7 अभ्यर्थियों के नाम अवैध रूप से शामिल किए जाने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, संबंधित सेवा प्रदाता फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तथा संलिप्त कर्मचारियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी को भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और अपारदर्शिता संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों के आधार पर कराई गई जांच में पाया गया कि अंतिम चयन सूची तैयार करते समय निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी कर कुछ नाम पीछे के रास्ते से सूची में जोड़ दिए गए। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस पूरे प्रकरण में सेवा प्रदाता फर्म और विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत रही है।
प्रशासन ने मामले में संलिप्त पक्षों को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार और धांधली में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दोषी फर्म को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और भविष्य की सभी चयन प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ संपन्न कराया जाएगा।










