सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के नावली के निकट स्थित एक सिविलियन विद्यालय की बदहाल स्थिति का मामला सामने आया है। विद्यालय में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मीडिया से बातचीत के दौरान स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
बच्चों का आरोप है कि विद्यालय के सीसीटीवी कैमरे बंद हैं और परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बच्चों के मुताबिक, विद्यालय में पर्याप्त कक्ष नहीं होने के कारण कक्षा एक से लेकर नौ तक के विद्यार्थियों को एक ही छोटे कमरे में बैठाकर पढ़ाया जाता है। भीषण गर्मी के बीच एक कमरे में बड़ी संख्या में बच्चों के बैठने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी गई तो बताया गया कि हाईवे निर्माण के दौरान जीआर कंपनी द्वारा किए गए निर्माण कार्य के समय विद्यालय की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि विद्यालय की दीवार लंबे समय से क्षतिग्रस्त है तो जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं कराया गया।
विद्यालय परिसर में एक छोटे से कमरे में पानी की टंकी के साथ कार्यालय संचालित होने और उसी स्थान पर बच्चों की कक्षाएं चलने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं कब होंगी।
वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय की बदहाली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों ने रात के समय विद्यालय पहुंचकर सफाई कराई और फोटो खिंचवाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि केवल दिखावे के बजाय विद्यालय की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान कराया जाए तो बच्चों को बेहतर माहौल मिल सकता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि विद्यालय की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है और बच्चों को कब तक ऐसी परिस्थितियों में पढ़ना पड़ेगा? जरूरत है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विद्यालय में पर्याप्त कक्ष, साफ-सफाई, सीसीटीवी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए, ताकि नन्हे-मुन्ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।










