हाथरस जनपद में भूमि विवादों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिले के सभी राजस्व ग्रामों में भूमि विवाद रजिस्टर लागू कर दिया गया है, जिसमें भूमि संबंधी शिकायतों और उनके निस्तारण का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।
गौरतलब है कि 15 जून को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य ने भूमि विवाद रजिस्टर का विमोचन किया था। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से भूमि संबंधी मामलों की निगरानी आसान होगी और लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी आएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि रजिस्टर के माध्यम से पैमाइश, बंटवारा और अन्य राजस्व विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा राजस्व कार्यों को गति देने के लिए जिले की दो तहसीलों में राजस्व निरीक्षकों को सरकारी वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे मौके पर पहुंचकर शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कर सकें।
डीएम अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मंडलायुक्त द्वारा मंडल स्तर पर स्पेशल रेजोल्यूशन ऑफ रेवेन्यू कम्प्लेंट्स इनिशिएटिव फॉर गवर्नेंस (श्रीजी) योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से पुराने और लंबित राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद रजिस्टर और श्रीजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा आम लोगों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।









