सिकंद्राराऊ के चकबंदी कार्यालय के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब गजेंद्र चक नामक व्यक्ति ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारी ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों पर डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया।
गजेंद्र चक का आरोप है कि जमीन से जुड़े मामले में उससे डेढ़ लाख रुपये लिए गए, लेकिन इसके बावजूद उसका काम नहीं किया गया।
आरोप है कि उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बजाय जमीन से जुड़े मामले में विपक्षी पक्ष के पक्ष में कार्रवाई कर दी गई।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया।
वहीं, चकबंदी अधिकारी ज्ञानेंद्र राय ने रिश्वत लेने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
उन्होंने कहा कि गजेंद्र चक नामक व्यक्ति के किसी कार्य से उनका कोई लेना-देना नहीं है और लगाए गए आरोप गलत हैं।
अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारी को दे दी गई है और रिश्वत के आरोपों पर वह अपना बयान संबंधित अधिकारी के समक्ष देंगे।
फिलहाल, शिकायतकर्ता के आरोपों की वास्तविकता और जमीन से जुड़े मामले में हुई कार्रवाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।










