हाथरस में कांग्रेस के दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। 12 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए हाथरस जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंडित विवेक उपाध्याय पुलिस की तमाम रोक-टोक और निगरानी के बावजूद अपने साथियों के साथ दिल्ली रवाना हो गए। विवेक उपाध्याय का आरोप है कि पिछले कई दिनों से पुलिस उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताया।
हाथरस जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंडित विवेक उपाध्याय ने कहा कि पुलिस की पहरेदारी और तमाम बंदिशों के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब विपक्षी नेताओं को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भी पुलिस की अनुमति लेनी पड़ेगी? विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को बैरिकेडिंग, पहरेदारी और दबाव के जरिए नहीं दबाया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर और आसपास निगरानी रख रहे थे और उन्हें बाहर निकलने से रोकने का प्रयास किया जा रहा था। विवेक उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
विवेक उपाध्याय ने कहा कि सत्ता के दबाव में विपक्ष की आवाज को रोकने की कोशिश लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। यदि सरकार को अपने कामकाज पर भरोसा है, तो उसे विपक्ष के सवालों को सुनना चाहिए, न कि नेताओं को घरों में रोकने का प्रयास करना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहरेदारी उनके विचारों और संकल्प को कैद नहीं कर सकती। विवेक उपाध्याय ने दो टूक कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता न डरेंगे, न झुकेंगे और संविधान एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।










