हाथरस के सिकंदराराऊ तहसील क्षेत्र के गांव गुर्जरपुर में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार, 14 अक्टूबर को सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी समस्या उठाई और प्रशासन से जल्द समाधान कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के पानी की निकासी नहीं होने के कारण करीब 200 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। किसानों के मुताबिक, पिछले कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से यहां सड़क का निर्माण कराया गया था। उस समय किसानों ने सड़क के आर-पार पाइप डालकर पानी की निकासी नदी तक कराने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि मौके से करीब 500 मीटर दूर नदी पर पुल भी है, लेकिन उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई।
किसानों ने गांव के ही कुछ लोगों पर भी आरोप लगाए हैं कि उस समय उन्होंने पाइप डालने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी की निकासी का उचित इंतजाम हो जाता, तो आज उनकी फसलें बर्बाद होने से बच सकती थीं।
अब ग्रामीणों ने नवागत जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है। उन्होंने डीएम से गांव में पहुंचकर मौके का निरीक्षण करने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
सवाल यह है कि आखिर किसानों की इस गंभीर समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिला प्रशासन गांव में पहुंचकर जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा, ताकि किसानों को राहत मिल सके?










