हाथरस में प्रसिद्ध 115वें तृतीय प्रांतीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मेला संयोजकों और समन्वयकों के साथ बैठक की।
17 सितंबर यानी बल्देव छठ से शुरू होने वाले मेले को परंपरागत, भव्य और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम अतुल वत्स ने कहा कि मेले की प्रतिष्ठा केवल भव्यता से नहीं, बल्कि अनुशासन, बेहतर व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के अनुभव से तय होती है।
उन्होंने सभी आयोजकों से कार्यक्रमों की समयबद्ध कार्ययोजना प्रशासन और पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कलाकारों, पहलवानों और विशिष्ट अतिथियों की जानकारी, कार्यक्रम का समय और अनुमानित भीड़ की सूचना पहले से देने को कहा।
डीएम ने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील एवं आपत्तिजनक गीतों और राजनीतिक प्रचार से पूरी तरह परहेज करने के निर्देश दिए। दंगल कार्यक्रमों में किसी भी तरह की अव्यवस्था या विवाद की पुनरावृत्ति नहीं होने देने को कहा।
वहीं एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मेले को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और मेला संयोजकों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की।
एसपी ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए करीब एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिसमें लगभग 300 महिला पुलिसकर्मी शामिल होंगी। जरूरत के अनुसार पुलिस बल और चौकियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 120 एआई कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी तीन एलईडी स्क्रीन के जरिए की जाएगी।
पूरे मेला क्षेत्र को 9 जोन और 9 सेक्टरों में बांटा गया है। वहीं श्रद्धालुओं के लिए 14 प्रमुख स्थानों पर वाटर कूलर लगाए जाएंगे।
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जूता-चप्पल रखने, शेड और टोकन की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रशासन ने आयोजकों से पर्याप्त संख्या में वॉलिंटियर तैनात करने की अपील की है।
अधिकारियों ने साफ किया कि मेले में अश्लीलता, निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और पुलिस का दावा है कि इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही मेले की सुरक्षा और व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है।










