हाथरस नगर की सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने और सफाई कार्यों का धरातलीय सत्यापन करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को नगर पालिका परिषद हाथरस के सभी 35 वार्डों में विशेष सफाई निरीक्षण अभियान चलाया गया। प्रत्येक वार्ड के लिए नामित नोडल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह, Garbage Vulnerable Points (GVP), कूड़ा उठाने वाले वाहनों और सूखे-गीले कचरे के पृथक्करण की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका में कार्यरत 780 सफाई कार्मिकों में से 40 सफाईकर्मी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण में नगर क्षेत्र में कुल 65 Garbage Vulnerable Points चिन्हित किए गए। इनमें सर्वाधिक चार GVP वार्ड संख्या छह, मीतई में मिले। संबंधित अधिकारियों को इन स्थानों से तत्काल कूड़ा हटवाने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वार्ड संख्या 29, गौशाला रोड में एक भवन स्वामी द्वारा नाली क्षतिग्रस्त कर निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (C&D Waste) सड़क पर डालकर अतिक्रमण किया जाना पाया गया। नगर पालिका ने मौके पर कार्रवाई करते हुए भवन स्वामी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और धनराशि वसूल की।
नगर पालिका के 35 वार्डों में कूड़ा उठाने के लिए ट्रैक्टर, टिपर, ई-रिक्शा, जेसीबी और डंपर सहित कुल 109 वाहन एवं मशीनें उपलब्ध हैं। निरीक्षण में दो ट्रैक्टर, एक जेसीबी और छह टिपर समेत नौ वाहन खराब मिले। जिलाधिकारी ने खराब वाहनों को तत्काल दुरुस्त कराने तथा लापरवाही के लिए संबंधित वाहन प्रभारी और स्टोर कीपर की जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान 35 में से 28 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह संचालित मिला, जबकि शेष सात वार्डों में तत्काल व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी 35 वार्डों में घरों से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्र कर निर्धारित प्रोसेसिंग एवं निस्तारण स्थल तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नगर की सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह, वाहनों की उपलब्धता और GVP के निस्तारण का नियमित सत्यापन कराया जाएगा। दिए गए निर्देशों के अनुपालन का दोबारा निरीक्षण भी होगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।










