हाथरस। अपराधियों की पहचान और वैज्ञानिक विवेचना को और प्रभावी बनाने के लिए हाथरस पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनपद के सभी थानों के हेड मोहर्रिरों को राष्ट्रीय स्वचालित फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली यानी NAFIS के तहत मोबाइल फोन और अन्य जरूरी तकनीकी उपकरण वितरित किए।
इन उपकरणों की मदद से पुलिसकर्मी अब घटनास्थल पर ही संदिग्ध व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट को डिजिटल रूप से संकलित कर सकेंगे और उनका राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस से तत्काल मिलान किया जा सकेगा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इससे अपराधियों की पहचान करने, पुराने मामलों का खुलासा करने और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी।
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सभी हेड मोहर्रिरों को उपकरणों का नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही फिंगर प्रिंट संकलन और सत्यापन की प्रक्रिया को तकनीकी मानकों के अनुरूप करने तथा उपकरणों के सुरक्षित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।
हाथरस पुलिस का कहना है कि तकनीकी नवाचारों को अपनाकर अपराध नियंत्रण और वैज्ञानिक विवेचना को मजबूत किया जा रहा है, जिससे अपराधियों की त्वरित पहचान और बेहतर पुलिसिंग में मदद मिलेगी।










