हाथरस।गाजियाबाद से चारधाम यात्रा पर निकला पूनम देवी का परिवार बुधवार को हाथरस के सिकंदराराऊ पहुंचा। पति के लकवाग्रस्त होने के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए मोटरसाइकिल मैकेनिक बनीं पूनम देवी अपने पति, दो छोटी बच्चियों और भाई-भाभी के साथ विशेष रथ खींचकर यात्रा कर रही हैं। रथ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और वर्ष 2027 में भाजपा सरकार की वापसी की कामना का संदेश लिखा है। पूनम देवी ने अपनी संघर्ष भरी कहानी भी साझा की।
गाजियाबाद की रहने वाली पूनम देवी की कहानी संघर्ष, हिम्मत और परिवार के प्रति समर्पण की मिसाल है। वर्ष 2022 में उनके पति को लकवे का दौरा पड़ा, जिसके बाद परिवार के भरण-पोषण और पति के इलाज की जिम्मेदारी पूनम देवी के कंधों पर आ गई।
परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पूनम देवी ने मोटरसाइकिल मैकेनिक का काम सीखा और गाजियाबाद के एक चौराहे पर लकड़ी का खोखा रखकर काम शुरू किया। पूनम के मुताबिक, कुछ लोगों ने उनके खोखे में आग लगा दी, जिसके बाद उन्हें दोबारा आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पूनम देवी का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पुलिस और प्रशासन से शिकायत की थी। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें लोहे का खोखा उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें फिर से काम शुरू करने में मदद मिली।
इसी संघर्ष के बीच पूनम देवी ने 14 अक्टूबर को गाजियाबाद से चारधाम यात्रा शुरू की। बुधवार को उनका परिवार सिकंदराराऊ पहुंचा। पूनम देवी अपने विशेष रथ को खींचकर आगे बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य चारधाम पहुंचकर अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करना है। अभी उन्हें लगभग 5100 किलोमीटर का सफर तय करना है।
पूनम देवी ने कहा कि वह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ ही परिवारों को सहारा मिलने की कामना करती हैं। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की है कि योगी आदित्यनाथ एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें और वर्ष 2027 में भाजपा की सरकार बने।
इस दौरान उनके पति भी अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने मुश्किल परिस्थितियों में परिवार को संभालने के लिए काफी संघर्ष किया है। परिवार के मुताबिक, सरकार और गाजियाबाद प्रशासन से मिली सहायता भी उनके लिए महत्वपूर्ण रही।
सिकंदराराऊ में यात्रा के दौरान भाजपा नेता सोमेश यादव भी पूनम देवी के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने बच्चों के लिए खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराई और परिवार को यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। सोमेश यादव ने पूनम देवी के संघर्ष और संकल्प की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि वर्ष 2027 में उनकी मनोकामना पूरी होगी।
फिलहाल, पूनम देवी अपने परिवार के साथ रथ लेकर चारधाम यात्रा पर आगे बढ़ रही हैं। पति की बीमारी, आर्थिक संकट और कठिन परिस्थितियों से जूझकर परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाली पूनम देवी की संघर्ष भरी कहानी सिकंदराराऊ में चर्चा का विषय बनी हुई है।










