विकास भवन कार्यालय में जल संचय जन-भागीदारी 2.0 विषयक बैठक की गई आयोजित

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हाथरस।विगत दिवस मुख्य विकास अधिकारी पी०एन० दीक्षित की अध्यक्षता में “जल संचय जन-भागीदारी 2.0” विषयक बैठक विकास भवन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य संबंधित विभागों द्वारा पूर्व में प्रस्तुत कार्ययोजना के सापेक्ष 01 जून 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में पूर्ण कराए गए एवं प्रगति पर चल रहे कार्यों की समीक्षा एवं अनुश्रवण करना था।

बैठक के दौरान सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग श्री दीपक कुमार द्वारा विभागों की प्रगति रिपोर्ट को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल 5153 कार्यों के लक्ष्य के सापेक्ष 315 कार्य पूर्ण तथा 76 कार्य प्रक्रियाधीन पाए गए।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जल शक्ति अभियान – कैच द रेन के अंतर्गत निर्धारित 45 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि इन कार्यों से संबंधित पीपीटी, फोटोग्राफ तथा भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की सूचनाएं नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाएं।
भूमि संरक्षण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि 03 तालाबों एवं 100 मेड़बंदी के सापेक्ष 02 तालाब पूर्ण किए गए हैं तथा 01 तालाब निर्माणाधीन है। इस पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शेष कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप शीघ्र पूर्ण कराते हुए समस्त कार्यों की पीपीटी, फोटोग्राफ एवं वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाए।
जल निगम (शहरी) द्वारा 35 तथा जल निगम (ग्रामीण) द्वारा 280 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग कार्य बजट के अभाव में पूर्ण न हो पाने की जानकारी दी गई। निर्देशित किया गया कि बजट प्राप्त होते ही समस्त कार्य शीघ्र पूर्ण कर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए जाएं।
नगर पालिका एवं नगर पंचायतों द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार 150 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग एवं 80 सोक पिट के सापेक्ष मात्र 05 कार्य पूर्ण पाए गए, शेष कार्य प्रगति में बताए गए। संबंधित निकायों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयावधि में समस्त कार्य पूर्ण कर उनकी पीपीटी, फोटोग्राफ एवं वित्तीय विवरण प्रस्तुत करें।
गैर सरकारी संगठनों द्वारा निर्धारित 135 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग के सापेक्ष केवल 02 कार्य पूर्ण किए गए पाए गए। इस पर निर्देश दिया गया कि विकास खंडवार एवं ग्राम पंचायतवार विवरण तैयार करते हुए सभी कार्य समय से पूर्ण कर फोटोग्राफ सहायक अभियंता कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं।
बैठक में शत-प्रतिशत उपस्थिति न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सभी कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी गई कि आगामी बैठक में पूर्ण सूचना के साथ स्वयं उपस्थित होना सुनिश्चित करें। कार्यों का सत्यापन एवं निरीक्षण उच्चाधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
बैठक में वर्षा जल संचयन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि बड़े प्रोजेक्ट की अपेक्षा छोटे-छोटे जल संचयन कार्य भू-जल रिचार्ज में अधिक प्रभावी सिद्ध होते हैं। भविष्य में अधिकाधिक छोटे प्रोजेक्ट को योजना में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही गौशालाओं के आसपास बनाए जाने वाले गड्ढों, पेयजल टंकियों से ओवरफ्लो होने वाले जल के संचयन तथा अन्य स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर भी बल दिया गया।
यह भी अवगत कराया गया कि प्रदेश के 12 अति-दोहन वाले जनपदों में हाथरस जनपद भी शामिल है, जहां भू-जल संचयन एवं रिचार्ज अत्यंत आवश्यक है। वर्षा जल का भूगर्भ जल के रूप में संचयन भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

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