हाथरस जिले के कस्बा सिकंदराराऊ में स्थित प्राचीन रामबाग मंदिर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले में कोलकाता पश्चिम बंगाल से पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संत अजयगिरी महाराज भी सिकंदराराऊ पहुंचे और प्रेस वार्ता कर प्रशासन को चेतावनी दी।
बताया गया कि सोशल मीडिया पर विवेकशील राघव द्वारा साझा की गई पोस्ट देखने के बाद अजयगिरी महाराज नगर पहुंचे। स्थानीय लोगों से जानकारी लेने के बाद उन्होंने विवेकशील राघव के आवास पर अन्य संतों के साथ प्रेस वार्ता की।
प्रेस वार्ता में अजयगिरी महाराज ने कहा कि रामबाग एक प्राचीन सनातन मंदिर है और इस पर किसी का व्यक्तिगत अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह स्थान वर्षों से संतों का आश्रय स्थल रहा है तथा सनातन धर्म की आस्था से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि सावन माह को देखते हुए मंदिर परिसर की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराई जाए तथा श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कोलकाता सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में साधु-संत सिकंदराराऊ पहुंचेंगे और आंदोलन करेंगे।
अजयगिरी महाराज ने कहा कि यदि आंदोलन की नौबत आती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समय-समय पर सनातन मंदिरों और सनातन धर्म की रक्षा की बात करते रहे हैं, इसलिए प्रशासन को भी इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।










