हाथरस। शहर के चौबे वाली गली स्थित बैकुंठनाथ मंदिर में शिक्षाविद् आचार्य ब्रजेन्द्रनाथ चतुर्वेदी की पावन स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य उपेन्द्र नाथ महाराज ने कहा कि धर्म की स्थापना, अधर्म के नाश, संतों की रक्षा और दुष्टों के संहार के लिए भगवान समय-समय पर इस धरती पर अवतरित होते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार केवल इन उद्देश्यों तक सीमित नहीं था, बल्कि अपने भक्तों पर कृपा बरसाने के लिए भी हुआ। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। बैकुंठनाथ प्रभु को पीतांबर धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार के साथ पालने में विराजमान किया गया तथा बधाई गीत गाए गए। भगवान के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
सायंकालीन सत्र में बाल लीलाएं, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा, रासलीला और कंस वध तक की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। नंदोत्सव के दौरान वस्त्र, बर्तन, खिलौने, फल, मेवा और मिठाइयों का वितरण किया गया। इस अवसर पर अनिल चतुर्वेदी, गोपाल चतुर्वेदी, आनंद चतुर्वेदी, पीयूष चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी, प्रवीण चतुर्वेदी, पुनीत चतुर्वेदी, नवीन चतुर्वेदी, राजेन्द्र नाथ चतुर्वेदी, हरि, देवू, रामू सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।










