हाथरस। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिला सलाहकार समिति एवं जिला पुनरीक्षण समिति की बैठक जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने बैंक स्तर पर ऋण वितरण के लिए लंबित आवेदनों की समीक्षा की और पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा में जनपद का ऋण-जमा अनुपात 70.34 प्रतिशत पाया गया। वहीं कुछ बैंकों का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम और कुछ बैंकों का 40 से 60 प्रतिशत के बीच मिलने पर जिलाधिकारी ने बैंकर्स को इसमें अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए।
डीएम ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, खादी ग्रामोद्योग, एनआरएलएम, पीएम स्वनिधि योजना सहित विभिन्न योजनाओं में प्राप्त आवेदनों और ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि ऋण के लिए प्राप्त कोई भी पात्र आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। अपात्र आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसरों का सृजन हो सके। बैठक में जिला विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, एलडीएम, उपायुक्त उद्योग सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी और बैंकर्स मौजूद रहे।










