हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के समाजसेवी एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रवीन वार्ष्णेय को पत्र भेजकर उनके सामाजिक सरोकारों, जनसेवा के प्रति समर्पण और जरूरतमंदों की आवाज उठाने के प्रयासों की सराहना की है।

मुख्यमंत्री कार्यालय, लोक भवन लखनऊ से 02 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र (क्रम संख्या 00005968) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवीन वार्ष्णेय को संबोधित करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखद जीवन की मंगलकामना की है।

पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज की शक्ति उन नागरिकों से बढ़ती है, जो निस्वार्थ भाव से समाज के हित में कार्य करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति और सरकार के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। वे समाज की समस्याओं को समझकर जरूरतमंदों की आवाज उचित मंच तक पहुंचाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन सरकार बनने के बाद कानून के राज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई तथा अपराधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई।

पत्र में डबल इंजन सरकार द्वारा गरीबों, वंचितों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं, युवाओं एवं अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवीन वार्ष्णेय से अपेक्षा व्यक्त की कि वे अपने सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से सरकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ-साथ जनता की समस्याओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि प्रवीन वार्ष्णेय की सेवा भावना, संवेदनशीलता और जनसरोकार उत्तर प्रदेश के विकास की यात्रा को और मजबूत करेंगे।
मुख्यमंत्री का पत्र प्राप्त होने पर प्रवीन वार्ष्णेय ने जताया आभार
मुख्यमंत्री का पत्र प्राप्त होने पर प्रवीन वार्ष्णेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सामाजिक कार्यों की सराहना किया जाना उनके लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय है। वे भविष्य में भी मानवाधिकारों के संरक्षण, सामाजिक न्याय, जरूरतमंदों की सहायता तथा जनहित के मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।










