हाथरस। दीपावली के त्योहार को लेकर शहर से लेकर देहात तक तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में हाथरस 24 डिजिटल न्यूज़ चैनल की टीम शहर के निकटवर्ती गांव सुरंगपुरा पहुंची, जहां मिट्टी के दीपक तैयार कर रहे कारीगरों से बातचीत की। कारीगरों ने बताया कि दीपावली पर मिट्टी के दीपकों का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। हालांकि, बदलते समय के साथ लोग मिट्टी के दीपकों की जगह चाइनीज झालरों और अन्य सजावटी सामानों का अधिक इस्तेमाल करने लगे हैं।
कारीगरों ने बताया कि वे दिन-रात मेहनत करके मिट्टी से दीपक और अन्य कलाकृतियां तैयार करते हैं। इसके बावजूद बाजार में चाइनीज सामान की बढ़ती मांग के कारण उनके पारंपरिक व्यवसाय पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीपक बनाकर ही गरीब परिवार अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। दीपावली का त्योहार उनके लिए केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि पूरे साल की मेहनत से रोजी-रोटी कमाने का एक बड़ा अवसर भी होता है।
कारीगरों ने शहरवासियों से अपील की कि इस दीपावली पर अधिक से अधिक मिट्टी के दीपक खरीदें और अपने घरों को स्वदेशी दीपों से रोशन करें। इससे न केवल भारतीय संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले गरीब कुम्हारों को भी आर्थिक मदद मिलेगी।










