हाथरस।कलेक्ट्रेट सभागार में 15वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना निधि के अंतर्गत नगर पालिका परिषद हाथरस एवं सि०राऊ को प्राप्त एवं अवशेष धनराशि से संबंधित प्रस्तावों पर विचार तथा पूर्व से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अतुल वत्स ने की।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्त आयोग से स्वीकृत सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि अवशेष एवं अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा नए स्वीकृत कार्यों की टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण कराई जाए, जिससे उपलब्ध धनराशि का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्त आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि का उपयोग स्थानीय नागरिकों के हित में किया जाए। साथ ही, प्रस्तावित योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं प्रगति की सतत निगरानी की जाए, ताकि प्रत्येक योजना के सभी बिंदुओं का सही ढंग से अनुपालन हो सके। उन्होंने बताया कि प्रस्तुत प्रस्ताव जनसामान्य की आधारभूत सुविधाओं से संबंधित हैं, जिनमें जल निकासी व्यवस्था, नाली एवं सीवर निर्माण, सीसी एवं इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण, कायाकल्प, उपकरण क्रय एवं अन्य विकास कार्य शामिल हैं। प्राप्त प्रस्तावों में से कुछ को छोड़कर शेष सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन प्रणाली, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत एवं रख-रखाव तथा नगर क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए और निगरानी के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए। साथ ही क्रय की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, विद्युत विभाग के अभियंता सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









