हाथरस में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने फेज-2 और फेज-3 के अंतर्गत संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि अवशेष और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए तथा पर्याप्त श्रमिक, मशीनरी और संसाधन तैनात कर कार्यों में तेजी लाई जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप हों। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां जलापूर्ति का ट्रायल रन कराकर निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। साथ ही जहां पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई की गई है, वहां तत्काल मरम्मत कर सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।
अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) ने बताया कि जनपद में कुल 280 पेयजल योजनाओं की डीपीआर तैयार की गई है, जो 598 राजस्व ग्रामों को आच्छादित करती हैं।
फेज-2 के अंतर्गत मैसर्स आयन एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड द्वारा 28 योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जबकि फेज-3 के अंतर्गत मैसर्स बीजीसीसी पीएल रामकी (जेवी) द्वारा 252 योजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है।
आयन एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड द्वारा 47,498 गृह जल संयोजनों के सापेक्ष 43,095 संयोजन, 843 किलोमीटर वितरण प्रणाली में से 769 किलोमीटर पाइपलाइन तथा 92 में से 89 ट्यूबवेल की बोरिंग पूर्ण की जा चुकी है।
वहीं बीजीसीसी पीएल रामकी (जेवी) द्वारा 1,60,360 गृह जल संयोजनों में से 84,308 संयोजन, 2650 किलोमीटर वितरण प्रणाली में से 2072 किलोमीटर पाइपलाइन और 364 में से 295 ट्यूबवेल की बोरिंग पूरी की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कर प्रत्येक ग्राम में ‘हर घर नल से जल’ की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण), सहायक अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।









