पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान ने जल निगम व उनके ठेकेदारों पर हो रहे विकास कार्यों में घोटाले का लगाया आरोप, कमेटी बनाकर जांच करने की मांग की

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सिकंदराराऊ।पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान ने जल निगम और संबंधित ठेकेदारों पर विकास कार्यों में लगभग 60 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की है।

यशपाल सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मानकों के विपरीत कार्य कराने का आरोप लगाया है। पूर्व विधायक ने बताया कि नगर पालिका एवं पुरदिलनगर टाउन एरिया में पाइपलाइन बिछाने के कार्य में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। मानक के अनुसार पाइप के ऊपर कम से कम 1 मीटर मिट्टी होनी चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर पाइप 1 से डेढ़ फीट की गहराई पर ही डाल दिए गए हैं, जिससे वाहनों के दबाव में पाइप क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डीआई पाइपों के बीच उचित गैपिंग नहीं रखी गई, न ही सफेद सैंड डाली गई और न ही कंपैक्शन व गिट्टी का कार्य किया गया। कई जगह पुराने और जंग लगे पाइप लगाए जाने की भी शिकायत की गई है। सीसी रोड कटिंग के बाद पुनर्स्थापन में भी मानकों की अनदेखी करते हुए 2 से 3 इंच मोटी सीसी डाली गई, जबकि मानक के अनुसार पीसीसी 4 इंच और सीसी 6 इंच होनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, इंटरलॉकिंग टाइल्स की गुणवत्ता और उनकी लैब टेस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पानी सप्लाई के लिए बनाई गई टंकियों, पंप हाउसों और उनमें लगे मैटेरियल की टेस्टिंग रिपोर्ट न होने का भी आरोप है। उन्होंने आशंका जताई कि मानकों की अनदेखी से भविष्य में भवन व टंकियां क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे जनहानि का खतरा है।

पूर्व विधायक ने बताया कि यह परियोजना लगभग 51 करोड़ रुपये की है। वहीं क्रीड़ा स्थल स्थित पुराने जलाशय की मरम्मत के नाम पर केवल पुताई कर धनराशि का दुरुपयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

चूड़ी मार्केट, नौरंगाबाद और सिनेमाघर के पीछे हरिजन बस्ती सहित कई इलाकों में पाइपलाइन कार्य में अनियमितता का दावा किया गया है।

उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे जलकार्य योजना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

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