हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है, जहां एटा डिपो की रोडवेज बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। हादसे में 9 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 2 की हालत नाजुक होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। यात्रियों ने बस चालक पर लापरवाही और शराब के नशे में गाड़ी चलाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, 30 अप्रैल गुरुवार को एटा डिपो की एक रोडवेज बस दिल्ली से फर्रुखाबाद की ओर जा रही थी। जैसे ही बस सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव बिलार के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा पलटी। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में 9 यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से 2 की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया।
मीडिया से बातचीत में यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस चालक तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था और रास्ते में कई बार अलग-अलग होटलों पर रुककर शराब का सेवन भी किया। यात्रियों का कहना है कि जब उन्होंने चालक से बस की रफ्तार कम करने को कहा तो वह उल्टा झगड़ा करने लगा।
हादसे के बाद कुछ यात्रियों के मोबाइल और कीमती सामान बस में ही छूट गए। गनीमत रही कि इस बड़े हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने रोडवेज बसों की सुरक्षा व्यवस्था और चालक-परिचालकों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे लापरवाह चालकों और परिचालकों के खिलाफ कब सख्त कार्रवाई होगी।









