हाथरस में मानवता की एक मिसाल देखने को मिली, जहां एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) संस्था ने एक अज्ञात शव का पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली चंदपा क्षेत्र के नगला कलू स्थित बंबा में 19 जून को करीब 35 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव पानी में तैरता हुआ मिला था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास किया। मृतक ने ग्रे रंग का लोअर, लाल रंग की शर्ट और बनियान पहन रखी थी। पानी में लंबे समय तक रहने के कारण शव फूल चुका था।
पुलिस द्वारा शव को 72 घंटे तक शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखा गया, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कर उसे लावारिस घोषित कर दिया गया।
पुलिस के अनुरोध पर समाजसेवी सुनीत आर्य और प्रवीन वार्ष्णेय ने मानवता का परिचय देते हुए अज्ञात व्यक्ति के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली।
एडीएचआर संस्था की देखरेख में समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शव का विधिवत दाह संस्कार कराया गया। इस कार्य में एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का भी विशेष सहयोग रहा।
अंतिम संस्कार के दौरान एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, समाजसेवी सुनीत आर्य, एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, दीपक, बंटी भाई, नीरज गोयल, तरुण राघव, विशाल सोनी, सतेन्द्र मोहन, टेकपाल कुशवाह सहित पुलिस विभाग के कांस्टेबल राकेश कुमार और कांस्टेबल अंकुर यादव भी मौजूद रहे।
अज्ञात और असहाय लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार का यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।










