लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद हाथरस जनपद की सिकंद्राराऊ तहसील में प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और बड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई की।
लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की मौत के बाद प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में सिकंद्राराऊ में उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान शहर के प्रमुख कपड़ा शोरूमों में शामिल राजघराना, स्वदेशी और बांके बिहारी शोरूम की जांच की गई। अधिकारियों को यहां अग्निशमन विभाग की एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले। साथ ही आपातकालीन निकास मार्ग की भी व्यवस्था नहीं पाई गई।
सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही मिलने पर उप जिलाधिकारी ने शोरूम संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए आवश्यक दस्तावेज और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तक प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद अधिकारियों की टीम पेंथ चौराहे पर संचालित लाइब्रेरी का निरीक्षण करने पहुंची। जांच के दौरान शुभ लाभ लाइब्रेरी अंदर से बंद मिली। अधिकारियों के निर्देश के बाद जब लाइब्रेरी का ताला खोला गया तो अंदर दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद मिले।
निरीक्षण में पाया गया कि लाइब्रेरी में न तो अग्निशमन यंत्र मौजूद थे और न ही किसी प्रकार का इमरजेंसी एग्जिट बनाया गया था। छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की अनदेखी पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और लाइब्रेरी को तत्काल बंद कराने की कार्रवाई की।
“सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जनहित और छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।










