हाथरस में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सासनी और एसडीएम सिकंदरा राऊ समेत जिला कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम ने गुरुवार को जिले की सभी तहसीलों में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों पर अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि ओवररेटिंग या टैगिंग की शिकायत मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में 22,332 मीट्रिक टन यूरिया और 6,700 मीट्रिक टन डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा 674 मीट्रिक टन यूरिया और 2,100 मीट्रिक टन डीएपी पीसीएफ बफर गोदाम में प्री-पोजिशनिंग के रूप में सुरक्षित रखा गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान मयंक फर्टिलाइजर कछपुरा, मां चंद्रावली सादाबाद, राजीव ट्रेडर्स सादाबाद, भूमिधर ट्रेडर्स सासनी और विनय फर्टिलाइजर दरियापुर समेत कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड और बिक्री रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखने तथा पॉस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड, जमीन की खतौनी और फार्मर आईडी की प्रति साथ लेकर जाएं। साथ ही किसान की जोत के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। शासन की व्यवस्था के अनुसार खरीफ सीजन में प्रति हेक्टेयर अधिकतम 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी निर्धारित की गई है।
जिलाधिकारी ने किसानों से कहा है कि यदि कोई विक्रेता उर्वरक के साथ जबरन अन्य उत्पाद खरीदने के लिए दबाव बनाए या निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले, तो इसकी शिकायत जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8126556290 और 9410290381 पर तुरंत दर्ज कराएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी विक्रेता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।










