हाथरस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां महिलाओं और पीड़ितों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टाफ को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और पीड़ितों को समय पर प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश तथा जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय के मार्गदर्शन में सचिव अनु चौधरी ने वन स्टॉप सेंटर, हाथरस का निरीक्षण किया। इस दौरान सेंटर की संचालिका मनीषा भारद्वाज, फारिया नौशी सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा। निरीक्षण के समय एक महिला पीड़िता से बातचीत कर उनकी समस्या की जानकारी ली गई और संबंधित अधिकारियों को उसके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
सचिव ने सेंटर की साफ-सफाई, उपलब्ध सुविधाओं और कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया तथा महिलाओं को दी जा रही कानूनी, चिकित्सकीय और पुलिस सहायता की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सचिव अनु चौधरी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर पर एक पराविधिक स्वयंसेवक की भी ड्यूटी लगाई जाती है, जो पीड़ितों को विधिक जागरूकता और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करता है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर पर आने वाली प्रत्येक पीड़ित महिला की सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामलों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। नियमित निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण सहायता प्रदान करता रहे।










