हाथरस पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक के खाते में गलती से यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर हुए 17 हजार रुपये वापस कराए हैं। थाना सिकन्द्राराऊ पुलिस की सक्रियता से शिकायतकर्ता को पूरी धनराशि वापस मिली, जिसके बाद उसने हाथरस पुलिस का आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिकन्द्राराऊ साइबर क्राइम पुलिस टीम लगातार सराहनीय कार्य कर रही है।
जरीनपुर भुर्रका निवासी प्रान्शु, पुत्र श्याम सिंह, ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल यानी NCRP पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से गलती से 17 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए थे।
शिकायत मिलते ही क्षेत्राधिकारी सिकन्द्राराऊ के नेतृत्व में थाना सिकन्द्राराऊ साइबर क्राइम पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को डेबिट फ्रीज कराया और धनराशि को सुरक्षित कराया। टीम के लगातार प्रयासों के बाद 9 जुलाई 2026 को शिकायतकर्ता के खाते में 17 हजार रुपये की पूरी धनराशि वापस करा दी गई।
रुपये वापस मिलने पर शिकायतकर्ता प्रान्शु थाना सिकन्द्राराऊ पहुंचे और हाथरस पुलिस तथा साइबर क्राइम टीम का धन्यवाद देते हुए उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की।
हाथरस पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना बैंक खाता, एटीएम पिन, ओटीपी, सीवीवी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हों, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।










