हाथरस में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महो का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
सीएमओ ने निरीक्षण में पाया कि डाटा कर्मी गौरव कुमार 30 जुलाई से लगातार अनुपस्थित हैं। उन्हें अभिलेखों के सत्यापन के लिए दो बार कार्यालय बुलाया गया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए और विभागीय अधिकारियों के फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं।
वहीं स्टाफ नर्स सना खान की उपस्थिति पंजिका में ओवरराइटिंग के साथ आकस्मिक अवकाश दर्ज मिला, जबकि अन्य कर्मचारियों ने बताया कि वह ड्यूटी पर आई ही नहीं थीं। उनके द्वारा भर्ती और उपचार किए गए बच्चों की संख्या भी बेहद कम पाई गई, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर हर्ष अग्निहोत्री पूरे जुलाई माह में एक भी दिन सीएचसी महो नहीं पहुंचे, जबकि उन्हें सप्ताह में तीन दिन यहां ड्यूटी करनी थी।
इसके अलावा पैथोलॉजी लैब में दो महीने पहले उपलब्ध कराया गया फुली ऑटोमेटिक एनालाइजर अब तक चालू नहीं किया गया था। इस पर चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल संबंधित इंजीनियर बुलाकर मशीन को क्रियाशील कराने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन पर्चे बनाए जाने की प्रगति भी संतोषजनक नहीं मिली, जिस पर सुधार के निर्देश जारी किए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देश दिए कि सभी स्टाफ नर्सों के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।










