हाथरस के सिकंदराराऊ में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। ममता फार्म हाउस, कासगंज रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में वेद मंत्रों का उच्चारण, भजन-कीर्तन, प्रवचन और सामूहिक ध्यान का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की मंगल आरती और पूजन से हुई। इसके बाद दिव्य ज्योति वेद मंदिर के प्रशिक्षित वेद पाठियों ने शुक्ल यजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्याई वेद मंत्रों का उच्चारण किया। भक्तिमय भजनों और गुरु वंदना से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। मंच संचालन साध्वी सुश्री रेनु भारती जी ने किया। 
अपने प्रवचन में साध्वी सुश्री अनुराधा भारती जी ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का अवतरण हुआ था। उन्होंने कहा कि गुरु ही शिष्य को ब्रह्मज्ञान का मार्ग दिखाते हैं और ईश्वर के साक्षात्कार का माध्यम बनते हैं। संत कबीर, दादू दयाल और पलटू साहिब के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा की महिमा का वर्णन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित हजारों ब्रह्मज्ञानी शिष्यों ने सामूहिक ध्यान सत्र में भाग लेकर विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने गुरु के आदर्शों पर चलने और आध्यात्मिक जीवन को सुदृढ़ बनाने का संकल्प भी लिया। सामूहिक ध्यान के बाद भंडारे के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव का समापन हुआ।










