हाथरस के ग्राम नगला अहीर, पंचायत वरवाना में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान प्रतिनिधि श्री नीरज अहेरिया, पूर्व प्रभारी श्री वी.के. शर्मा और श्री मेघ सिंह ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें प्रशिक्षण से संबंधित किट भी वितरित की गई। इस दौरान सभी लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयां स्थापित कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
पूर्व प्रभारी श्री वी.के. शर्मा ने अचार, मुरब्बा, शरबत और फलों के जूस को संरक्षित करने सहित विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर ग्रामीण अपने स्तर पर व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
वहीं श्री मेघ सिंह ने बेकरी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। केंद्र प्रभारी श्रीमती योगेश्वरी ने समूह बनाकर कार्य करने, इकाई स्थापित करने और योजना से अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर मिलने वाले लाभ और सरकार द्वारा दिए जाने वाले 50 प्रतिशत अनुदान की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में डीआरपी श्री लक्ष्मी नारायण ने पीएमएफएमई योजना और उद्योग नीति 2023 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मशीनरी आदि के लिए 35 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लाभ दिया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन केंद्र प्रभारी श्रीमती योगेश्वरी ने किया, जिसमें श्री संजय चौधरी का विशेष सहयोग रहा। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीणों को खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।










