हाथरस।आयुष वेलफेयर एसोसिएशन की कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. रश्मि सांगवान के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी अभियान के तहत आयुष चिकित्सकों ने अपनी वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2009-10 से कार्यरत आयुष चिकित्सकों का मानदेय लंबे समय में ₹24 हजार से बढ़कर केवल ₹32 हजार हुआ है, जबकि एलोपैथिक, एमबीबीएस सहित अन्य चिकित्सकों का मानदेय ₹60 हजार से बढ़कर एक लाख रुपये तक पहुंच चुका है। 12-14 वर्षों की सेवा के बाद भी नए आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति ₹32 हजार के मानदेय पर किए जाने को एसोसिएशन ने गंभीर वेतन विसंगति बताया।
एसोसिएशन ने कहा कि कोविड महामारी समेत विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आयुष चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षाकृत कम मानदेय दिया जा रहा है, जिससे सम्मानजनक जीवन-यापन करना मुश्किल हो रहा है।
एसोसिएशन के अनुसार प्रदेश में करीब 4 हजार और हाथरस जनपद में लगभग 40 से 60 आयुष चिकित्सक कार्यरत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से वेतन विसंगति दूर कर आयुष चिकित्सकों को सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की।










