हाथरस। उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित 37वीं नॉर्थ जोन जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप-2026 में जेवलिन थ्रो में शानदार प्रदर्शन करते हुए 41.37 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीतने वाली हसायन क्षेत्र के गांव गाडोला की बेटी हर्षिता तोमर के गांव लौटने पर ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। हर्षिता की इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है।
हर्षिता के गांव पहुंचने पर उनका स्वागत वेशाल सिंह जी के निवास स्थान पर किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने हर्षिता को फूल-मालाएं पहनाकर और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही तस्वीर भेंट कर भी उनका अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद ओम पाल सिंह पौरुष जी ने हर्षिता को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि गांव की बेटी ने खेल के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने भी हर्षिता की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
37वीं नॉर्थ जोन जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप-2026 में हर्षिता तोमर ने जेवलिन थ्रो में 41.37 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि के बाद गांव में उनके स्वागत की तैयारियां की गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि खेल के क्षेत्र में बेटियों का आगे बढ़ना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। हर्षिता ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता से गांव की अन्य बेटियों और युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
ग्रामीणों ने बढ़ाया हर्षिता का हौसला
स्वागत समारोह में ग्रामीणों ने हर्षिता को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की कामना की। लोगों ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि गांव की बेटी की मेहनत, लगन और खेल प्रतिभा का परिणाम है।
इस मौके पर मीनाक्षी देवी, मुनेन्द्र पाल सिंह, राम नारायण शर्मा, राष्ट्रीय खिलाड़ी ओमवीर सिंह, अजरूद्दीन फौजी, साहब सिंह, शैलेंद्र सिंह, पवन कुमार, मनोज कुमार, दिगम्बर सिंह, सुशील तोमर, शिवम पौरुष, गोपाल पौरुष, इंद्रवती देवी, शकुंतला देवी, दीपमाला देवी, अंशिका तोमर, सूर्य प्रताप समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।










