हाथरस। कार्तिक मास के पांच दिवसीय शरद सनातनी उत्सव धनतेरस, छोटी दीपावली, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज को लेकर श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने पर्वों की तिथियों और पूजा-अर्चना के शुभ मुहूर्त की जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि धनतेरस 6 नवंबर शुक्रवार को मनाई जाएगी। त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 30 मिनट से प्रारंभ होकर 7 नवंबर सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। धनतेरस पर पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक रहेगा। वहीं यम दीपदान के लिए शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।

छोटी दीपावली यानी नरक चतुर्दशी 7 नवंबर शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन अभ्यंग स्नान का शुभ समय सुबह 5:34 बजे से 6:40 बजे तक रहेगा। यम दीपदान के लिए शाम 5:32 बजे से 7:56 बजे तक का समय श्रेष्ठ रहेगा।

उन्होंने बताया कि दीपावली का पर्व 8 नवंबर रविवार को शास्त्र सम्मत रूप से मनाया जाएगा। अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे से प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव के पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। यह वृषभ लग्न का समय होगा। वहीं निशीथ काल में विशेष पूजन का समय रात 11:39 बजे से 9 नवंबर की रात 12:31 बजे तक बताया गया है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि दीपावली पर घरों को दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाकर विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर कलश पूजन करना चाहिए। इसके बाद मंत्र जाप, आरती और वंदन कर घर के प्रत्येक कोने, मुख्य द्वार और तुलसी के पास दीपक जलाने चाहिए। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि, शांति और धन-धान्य का आगमन होता है।
उन्होंने सभी सनातन धर्मावलंबियों को पांच दिवसीय पर्वों की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। यह जानकारी श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा (रजिस्टर्ड), हाथरस के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने दी।











