हाथरस।मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की प्रगति को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अतुल वत्स ने की, जिसमें समस्त जिला समन्वयक एवं विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बैंकों द्वारा निरस्त किए गए आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित कर सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में यह पाया गया कि किसी आवेदन को गलत तरीके से निरस्त किया गया है, तो संबंधित अधिकारी अथवा बैंक के विरुद्ध जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देना तथा अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। योजना के अंतर्गत जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का ऋण बैंकों द्वारा प्रदान किया जाता है, जिसमें 10 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जो पूर्णतः ब्याज मुक्त है।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त उद्योग ने जानकारी दी कि अब तक कुल 2457 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें से 893 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। 267 आवेदन बैंक स्तर पर लंबित हैं, जबकि 829 आवेदनों में ऋण वितरण किया जा चुका है। वहीं, 1297 आवेदन विभिन्न बैंकों द्वारा निरस्त किए गए हैं।
अलग-अलग बैंकों की स्थिति पर नजर डालें तो केनरा बैंक में 65, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 84, बैंक ऑफ बड़ौदा में 26, ग्रामीण बैंक में 16 आवेदन लंबित हैं। वहीं, सबसे अधिक आवेदन केनरा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में निरस्त किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग और लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि सभी निरस्त आवेदनों की जांच कर कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, लीड बैंक मैनेजर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









