हाथरस जिले के सादाबाद नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के कारण नाले-नालियां ठीक से साफ नहीं हो पा रही हैं, जिससे कचरा जमा हो रहा है।
इसके परिणामस्वरूप घरों का गंदा पानी नालियों से बाहर निकलकर सड़कों पर भर जाता है। मंगलवार सुबह भी जलभराव के कारण विद्यार्थियों, आम नागरिकों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल जाने वाले बच्चों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। उन्हें प्रतिदिन गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है या फिर स्कूल पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के गुजरने पर राहगीरों पर छींटे पड़ने से उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। कई क्षेत्रों में बदबू और फिसलन के कारण दुर्घटना का जोखिम भी बना हुआ है।
स्थानीय नागरिक केशव देव चतुर्वेदी, मनोज गौतम और सभासद रेनू जिंदल ने बताया कि उन्होंने सफाई कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर कई बार नगर पंचायत में शिकायत की है। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों का मनमाना रवैया जारी है।
नगरवासियों ने मांग की है कि नगर पंचायत तत्काल प्रभाव से नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करे। साथ ही, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो, ताकि सड़कों पर जलभराव की समस्या से निजात मिल सके और नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल पाए।
इस संबंध में, नगर पंचायत की वरिष्ठ लिपिक अनुपम गुप्ता ने जानकारी दी कि शिकायतें मिलने के बाद सफाई कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि सफाई कार्य में सुधार नहीं होता और दोबारा शिकायतें आती हैं, तो वेतन काटने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।









