सादाबाद के गुरसौटी गांव में रविवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। घर की तीसरी मंजिल पर खड़ी एक बालिका को बंदर ने डराया, जिससे वह घबराकर भागी। इसी दौरान तीसरी मंजिल का छज्जा अचानक गिर गया। इस हादसे में पांच लोग मलबे में दबकर घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गुरसौटी निवासी श्रीनिवास की बेटी शालू रविवार शाम अपने घर की तीसरी मंजिल पर खड़ी थी। तभी एक बंदर ने उसे डराया। बंदर से डरकर शालू जैसे ही भागी, छज्जा टूटकर नीचे गिर गया। शालू भी मलबे के साथ नीचे आ गिरी।
उसी समय घर के नीचे विशाल की बेटी आरुषि, लाखन सिंह की बेटी नंदिनी और वर्षा घर की ओर जा रही थीं। छज्जा गिरने से ये तीनों भी मलबे की चपेट में आकर दब गईं। वहीं, दूसरी मंजिल पर छज्जे के पास काम कर रही आरुषि की मां ललिता देवी पत्नी विशाल भी मलबे में दबकर घायल हो गईं।
अचानक हुए इस हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई। मलबे में दबे लोगों की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को मलबे से बाहर निकाला।
घायलों में विशाल की पत्नी ललिता देवी और बेटी आरुषि की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया है। श्रीनिवास की बेटी शालू और लाखन सिंह की बेटी नंदिनी को सादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती
कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता निजी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने गुरसौटी गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन इस प्रकार की घटनाओं का खतरा बना रहता है।









