हाथरस में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पीएन दीक्षित ने सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले और कार्यालयों में अव्यवस्थाएं भी पाई गईं। अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। CDO ने सबसे पहले मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया।
यहां उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मुकेश कुमार बिना किसी अवकाश प्रार्थना पत्र के अनुपस्थित पाए गए। उनकी अनुपस्थिति के कारण उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। लेखाकार कक्ष के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कनिष्ठ सहायक मनीष कुमार राठी लेखाकार के कार्यों का निष्पादन कर रहे थे। कार्यालय में किसी भी कर्मचारी की नेम प्लेट नहीं लगी थी। अलमारी के ऊपर पुराने कार्टूनों में पुराने बिल बेतरतीब ढंग से रखे मिले, जिनकी न तो नंबरिंग की गई थी और न ही उन पर वर्ष अंकित था।
इन बिलों में 11 मार्च 2020 के 15,288 रुपए के टेबल कवर के बिल वाउचर और वर्ष 2021-22 के नगर पालिका परिषद हाथरस के राजकीय पशु चिकित्सालय के 91,747 रुपये के गृहकर एवं जलकर के बिल शामिल थे। अलमारी के ऊपर से एक्सटेंशन बोर्ड, पुराना लैंडलाइन फोन, पुराने अखबार और धूल भरे कार्टून हटवाए गए। अलमारी में पत्रावलियां भी बिना किसी क्रम संख्या के रखी मिलीं, जिससे उन्हें ढूंढना मुश्किल था।
जल निगम के कार्यालय में भी मिली अव्यवस्था..
इसके बाद CDO ने अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण की सूचना दूरभाष पर पहले ही दे दी गई थी। निरीक्षण के समय अधिशासी अभियंता सुनील कुमार सिंह, खण्डीय लेखाकार सुभाष बाबू और अधिकारी प्रथम अशोक कुमार अनुपस्थित पाए गए।
इन तीनों अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण उनका वेतन भी अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है।







