हाथरस के सादाबाद के गाजी गढ़ी गांव में गुरुवार दोपहर एक दुखद घटना में कीटनाशक युक्त आलू के खेत में चारा चरने से पांच बकरियों की मौत हो गई। इस घटना में दस अन्य बकरियां बेहोश हो गईं, जिनमें से दो गर्भवती भी थीं। पशु चिकित्सक की त्वरित सहायता से बेहोश हुई बकरियों को बचा लिया गया।
गाजी गढ़ी निवासी राजू पुत्र कालीचरन पशुपालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गुरुवार दोपहर वह अपनी दो दर्जन से अधिक बकरियों को चराने के लिए ले गए थे। चरते हुए बकरियों का झुंड एक ऐसे आलू के खेत में पहुँच गया, जहाँ हाल ही में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया गया था।
कीटनाशक युक्त चारा खाने के कुछ ही देर बाद पशुओं की हालत बिगड़ने लगी। खेत से निकलकर बकरियां पास के एक बाग की ओर चली गईं, लेकिन घर लौटते समय अचानक कई बकरियां सड़क पर गिरने लगीं। यह देखकर पशुपालक राजू घबरा गया और उसने तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी।
ग्रामीणो ने मौके पर पहुँचकर तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाया। पशु चिकित्सक ने पहुँचकर प्राथमिक उपचार शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप करीब दस बकरियों को होश आ गया और उनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। हालांकि, पांच पशुओं को बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पशु चिकित्सक के अनुसार, कीटनाशक युक्त चारा खाने से हुए जहरीले असर के कारण यह स्थिति बनी।
घटना की सूचना मिलने पर भाजपा नेता जगवेंद्र प्रधान भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार को मामले की जानकारी दी और पीड़ित पशुपालक राजू को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के बाद खेतों में चेतावनी बोर्ड लगाने और पशुपालकों को पूर्व सूचना देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।









