हाथरस जनपद में विकास खण्ड सासनी के समामई रूहेल स्थित अस्थायी गौ आश्रय स्थल का जिलाधिकारी अतुल वत्स ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने गौशाला में संरक्षित गौवंश के लिए पेयजल, टीनशेड, हरे चारे एवं भूसे की उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही केयर टेकर उपस्थिति पंजिका, स्टॉक पंजिका, पशु चिकित्सक विजिट पंजिका सहित अन्य अभिलेखों का भी अवलोकन किया।
गौशाला में कुल 189 गोवंश संरक्षित पाए गए, जिनमें 16 नर एवं 173 मादा गौवंश शामिल हैं। चिकित्सा व्यवस्था के लिए एक पशु चिकित्साधिकारी एवं एक पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं। बीमार पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा निरीक्षण के दौरान कोई भी गौवंश बीमार नहीं पाया गया।
गौवंशों की देखरेख हेतु कुल 6 केयर टेकर कार्यरत हैं, जिनमें 4 दिन में और 2 रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। भूसा गोदाम में लगभग 10 से 15 कुंतल भूसा संरक्षित पाया गया।
जिलाधिकारी ने शेड के विस्तार, चरही की समुचित व्यवस्था तथा भूसा गोदाम की क्षमता बढ़ाकर कम से कम 7 दिन का भूसा भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव को गौशाला में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने और जलभराव की स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए।
उन्होंने समय से गौवंशों को चारा एवं ताजा पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ गौशाला में नवाचार और वर्मी कम्पोस्ट व्यवस्था को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सासनी, खण्ड विकास अधिकारी सासनी, पशु चिकित्साधिकारी देदामई, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम पंचायत सचिव एवं केयर टेकर उपस्थित रहे।







