हाथरस।सरस्वती विद्या मन्दिर, पुरदिलनगर में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना “माँ सरस्वती शारदे” से हुआ, जबकि स्वागत गान “आयो रे आयो” के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया गया।
प्रधानाचार्य हरीशंकर सारस्वत ने सभी अतिथियों का परिचय कराया। विशिष्ट अतिथि के रूप में देवेंद्र कुमार यादव (प्रदेश निरीक्षक) एवं वीरेन्द्र सिंह राणा (विधायक) उपस्थित रहे। अतिथियों का पटका पहनाकर एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। प्रदेश निरीक्षक देवेंद्र कुमार यादव ने विद्या भारती के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, वहीं विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा ने संस्कारयुक्त शिक्षा एवं अनुशासन के महत्व को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता गोविन्द जी (विभाग प्रचारक) ने भारतीय संस्कृति, चरित्र निर्माण एवं ‘पंच परिवर्तन’ जैसे विषयों पर प्रेरक विचार व्यक्त किए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में “देवा श्री गणेशा” एवं “कीजो केसरी के लाल” जैसे भक्ति नृत्यों ने आध्यात्मिक वातावरण बनाया। वीर रस की कविताओं और देशभक्ति प्रस्तुतियों ने जनसमूह में उत्साह भर दिया। विद्यार्थियों द्वारा पिरामिड निर्माण, देशभक्ति नाटक, नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक, योगासन प्रदर्शन, होली नृत्य एवं सामूहिक देशभक्ति नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “नशा बुरी बला है” जैसे संदेश ने सामाजिक जागरूकता का परिचय दिया।
अध्यक्षीय आशीर्वचन में गौरीशंकर जी (एडवोकेट) ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन योगेंद्र सिंह एवं श्रीनिवास सिंह ने किया। समापन पर “वन्दे मातरम्” की सामूहिक प्रस्तुति से वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।
अंत में प्रधानाचार्य हरीशंकर सारस्वत ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समारोह प्रेरणादायी एवं स्मरणीय रहा।







