हाथरस में भूकंप जैसी आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक जनपद स्तरीय संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों की टीमों ने आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया तथा लोगों को सुरक्षा के तरीके भी बताए।
दिनांक 6 मार्च 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय, कलेक्ट्रेट हाथरस में भूकंप से बचाव को लेकर एक जनपद स्तरीय संयुक्त मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में आमजन और विभिन्न संस्थानों को त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना था।
इस अभ्यास में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, फायर सर्विस, तहसील प्रशासन, आपदा मित्र और होमगार्ड विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप से भवनों के क्षतिग्रस्त होने, लोगों के फंसे होने और आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई।
सूचना मिलते ही जिला स्तर के कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रशासन सक्रिय हुआ और संबंधित विभागों को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस, फायर सर्विस और अन्य विभागों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के साथ-साथ सर्च एंड रेस्क्यू अभियान चलाया।
एनडीआरएफ की टीम ने खोजी कुत्तों और आधुनिक कैमरा तकनीक की मदद से भवन में फंसे लोगों का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. बसंत अग्रवाल की अध्यक्षता में टेबल-टॉप सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें भूकंप से संबंधित मॉक अभ्यास की पूरी रूपरेखा विस्तार से बताई गई।
इस दौरान लोगों को भूकंप के समय सुरक्षित स्थान पर जाने, लिफ्ट का प्रयोग न करने, अफवाहों से बचने और आपातकालीन नंबरों की जानकारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।
जिला आपदा विशेषज्ञ लेखराज सिंह ने बताया कि जिले में लगातार आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम और मॉक ड्रिल आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक करीब 10 हजार से अधिक लोगों को विभिन्न आपदा प्रबंधन अभ्यासों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया कि आपदा से घबराने के बजाय सजगता, प्रशिक्षण और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय से ही किसी भी आपदा का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सकता है।









