जनपद हाथरस के कलेक्ट्रेट सभागार में आज द्वितीय चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद की 4 देशी मदिरा दुकानों का आवंटन ऑनलाइन रैंडमाइजेशन के माध्यम से किया गया।
यह पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी आवेदकों के आवेदन एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए गए तथा प्रत्येक आवेदक का नाम सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया।
ई-लॉटरी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में इसे संपन्न किया गया, जिससे निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक समान ई-लॉटरी व्यवस्था लागू की गई है, जो पूरी तरह से पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया प्रोबेबिलिटी यानी संभावना के वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें प्रत्येक आवेदक के चयन की संभावना समान होती है।
चयन प्रक्रिया कंप्यूटर द्वारा रैंडम नंबर जनरेट कर की जाती है, जिसमें किसी व्यक्ति विशेष का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। इस सॉफ्टवेयर और पूरी प्रक्रिया को विशेषज्ञों एवं तकनीकी संस्थानों द्वारा प्रमाणित किया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी कृष्ण मोहन ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में देशी शराब की 4 दुकानों के लिए कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिन्हें स्वीकृत किया गया है और इन्हीं में से लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया गया।
कार्यक्रम में सहायक आबकारी आयुक्त, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, आवेदकगण तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।









