आज भारत सरकार द्वारा 8वें पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनपद के सभी बाल विकास परियोजना कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में लाभार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मुख्य सेविकाओं तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
पोषण पखवाड़ा का आयोजन 09 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान पूरे प्रदेश में पोषण स्तर में सुधार लाने और सही पोषण संबंधी व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए जनआंदोलन और सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम विभिन्न विभागों के समन्वय यानी कन्वर्जेंस के माध्यम से संचालित किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पोषण जागरूकता पहुंचाई जा सके।
पोषण पखवाड़ा के दौरान कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें वजन दिवस, पोषण रैली, गृह भ्रमण, पोषण मेला, हाट बाजार, एनीमिया शिविर, सामुदायिक गतिविधियां, प्रभात फेरी, साइकिल रैली, पौधारोपण, पोषण वाटिका, योग सत्र और महिला स्वयं सहायता समूहों व युवा समूहों की बैठकें शामिल हैं।
इस वर्ष पोषण पखवाड़ा के लिए पांच मुख्य थीम निर्धारित की गई हैं—
पहली, माँ एवं शिशु पोषण।
दूसरी, 0 से 3 वर्ष तक के बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए प्रारंभिक अनुकरण।
तीसरी, 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा।
चौथी, स्क्रीन समय को कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका।
और पाँचवीं, मजबूत आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सामुदायिक समर्थन जुटाना।
पोषण पखवाड़ा के माध्यम से जन-जन को जागरूक कर स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।









