हाथरस जनपद के ग्राम बावस में किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र, हाथरस के प्रभारी अधिकारी डॉ. एस. आर. सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह द्वारा किसानों के स्वागत से की गई।
डॉ. बलवीर सिंह ने किसानों को उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में बताया और संतुलित खाद प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने ‘सही समय, सही मात्रा, सही स्रोत और सही स्थान’ के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाने की अपील की।
उन्होंने मृदा परीक्षण को बेहद आवश्यक बताते हुए जैविक कार्बन बढ़ाने के लिए जैविक खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग पर विशेष बल दिया।
वहीं कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरविन्द्र पाल ने पौधों के लिए आवश्यक 17 पोषक तत्वों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘कंसोर्टिया’ और टीएसपी के फायदे बताते हुए संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया।
ऐसे जागरूकता कार्यक्रम किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।









