हाथरस।लू-प्रकोप से बचाव और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रकाश चन्द्र की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान हीट वेव प्रबंधन को लेकर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि पशु केन्द्रों पर आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा पशु चिकित्सकों के माध्यम से ग्रामीणों को पशुओं को लू से बचाने के प्रति जागरूक किया जाए।
गौशालाओं में संरक्षित गौवंश के लिए पीने का पानी, छाया और चारे की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को निर्देशित करते हुए कहा गया कि सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छ पेयजल, बिजली और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं, पंचायतीराज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर पानी की टंकियों एवं टैंकरों की व्यवस्था करने तथा तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंड और टर्मिनलों पर छाया, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रेलवे स्टेशनों पर भी पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, वन विभाग और मनरेगा विभाग को भी ग्रीष्मकालीन तैयारियों और हीट वेव कार्य योजना के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने आमजन को हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा धूप में निकलते समय छाता, टोपी और चश्मे का प्रयोग करें। इसके साथ ही ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई।
प्रभारी अधिकारी (आपदा) एवं उप जिलाधिकारी धर्मेन्द्र सिंह ने नगर निकायों को खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। अग्निशमन विभाग को भी पूरी तरह सतर्क रहने और आग से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, तहसीलदार, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









