समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र एवं अमर्यादित भाषा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी समाज, वर्ग या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुँचाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ब्राह्मण समाज ने सदियों से देश की संस्कृति, शिक्षा, ज्ञान, धर्म और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे सम्मानित समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना केवल एक समाज नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी अपमान है।
मैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी से मांग करता हूँ कि केवल औपचारिक माफी से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसे गैरजिम्मेदार एवं बड़बोले नेताओं पर तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इससे यह संदेश जाएगा कि किसी भी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीति समाज को जोड़ने का माध्यम होनी चाहिए, न कि समाजों के बीच वैमनस्य पैदा करने का। हम सभी समाजों के सम्मान, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबध्द है।









