हाथरस के सिकंदराराऊ तहसील कार्यालय में तैनात नायब तहसीलदार राकेश शर्मा का मानवीय चेहरा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह बेजुबान जानवरों की सेवा को भी अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानते हैं।
दिनभर सरकारी कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान में व्यस्त रहने के बाद राकेश शर्मा अपने निवास पर पहुंचकर सबसे पहले बंदर, कुत्तों और गायों को रोटी, चना और गुड़ खिलाते हैं।
इसके बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण करते हैं।
उन्होंने कहा कि इंसान केवल अपने लिए नहीं बल्कि बेजुबान जीवों के लिए भी जिम्मेदार है। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति एक जानवर की जिम्मेदारी उठा ले, तो कोई भी बेजुबान भूखा नहीं रहेगा।
राकेश शर्मा का कहना है कि “पहली रोटी बेजुबान के नाम” केवल परंपरा नहीं, बल्कि मानवता का संदेश है। उनका यह मानवीय व्यवहार लोगों के लिए प्रेरणा बनता नजर आ रहा है।









