हाथरस।उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के टेंडर की शर्तों को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मांगों को लेकर अपना ज्ञापन सौंपा।
वैश्य एकता संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष विपुल सिंघानिया ने जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए जारी होने वाले टेंडर में इस बार फर्म के सालाना टर्नओवर की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि हाथरस जैसे छोटे शहर में अधिकांश स्थानीय व्यापारी और युवा उद्यमी इतनी बड़ी टर्नओवर सीमा को पूरा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में नई शर्त लागू होने से छोटे व्यापारियों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर होना पड़ेगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाएगा।
विपुल सिंघानिया ने जिलाधिकारी से मांग की कि पुरानी व्यवस्था के अनुसार टर्नओवर सीमा को फिर से 1 करोड़ रुपये किया जाए, ताकि स्थानीय व्यापारियों और युवा उद्यमियों को भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने का मौका मिल सके।
उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में जो छोटी-मोटी तकनीकी कमियां हैं, उन्हें भी दूर किया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिल सके।
इस मामले में जिलाधिकारी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और जनता व व्यापारियों के हित में जो भी उचित होगा, उस पर निर्णय लिया जाएगा।









