हाथरस में कृषि विज्ञान केंद्र यानी केवीके द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत किसानों को जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शेखपुरा गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र, हथरस के प्रभारी डॉ. एस.आर. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. हरविंदर पाल और डॉ. शैलजा देवी ने किसानों को मिट्टी की जांच के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। वैज्ञानिकों ने कहा कि नियमित मृदा परीक्षण से खेत की उर्वरता की सही जानकारी मिलती है, जिससे आवश्यकतानुसार उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, पोषक तत्व प्रबंधन और भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को समय-समय पर मिट्टी की जांच कराने और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित किया।
शेखपुरा गांव के बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया और कृषि वैज्ञानिकों से खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की मांग की।
कृषि विज्ञान केंद्र की यह पहल किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।







