राजकीय वृद्धाश्रम, हाथरस में 5 दिवसीय अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम ( एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम) का किया शुभारंभ

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हाथरस में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच भावनात्मक एवं सामाजिक जुड़ाव को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मेरा युवा भारत, हाथरस एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय वृद्धाश्रम, हाथरस में 5 दिवसीय अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम यानी एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और वृद्धजनों के बीच संवाद को बढ़ावा देना, पीढ़ियों के बीच आत्मीय संबंध स्थापित करना तथा युवाओं में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम के दौरान युवा स्वयंसेवकों ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के साथ समय व्यतीत किया, उनसे आत्मीय संवाद स्थापित किया तथा उनके जीवन अनुभवों को समझने का प्रयास किया। स्वयंसेवकों ने वृद्धजनों के बीच फल वितरण करते हुए उनकी दैनिक समस्याओं, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में पीढ़ियों के मध्य संवाद और आत्मीयता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक सेवा के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों, संघर्षों और जीवन मूल्यों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने वृद्धजनों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके अनुभव युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

कार्यक्रम के दौरान लेखा एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक श्री रामवीर प्रसाद शर्मा के निर्देशन में गीत-संगीत, सामूहिक गान और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। वरिष्ठ नागरिकों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं ने पुराने गीत, देशभक्ति गीत और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से वृद्धजनों के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया। साथ ही विभिन्न खेलों और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से वृद्धाश्रम में सकारात्मक और आनंदमय वातावरण का निर्माण किया गया।

5 जून 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को संवेदनशील संवाद, सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक सेवा के व्यावहारिक अनुभव प्रदान किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में करुणा, सहानुभूति, सम्मान और समाज सेवा की भावना को मजबूत करना है, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक और भावनात्मक अनुभव बताया। उनका कहना था कि वृद्धजनों के साथ बिताया गया समय जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में सौरभ, सूरज, संदीप, दीपिका, बेबी रावत, अंबे रावत, भावना सहित अन्य युवा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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