हाथरस:स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। ग्राम नगला बाध अठवरिया की महिलाओं ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के तहत वर्ष 2022 में “नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह” का गठन कर मधुमक्खी पालन का कार्य शुरू किया।
ग्रामीण क्षेत्र की इन महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं।
समूह से जुड़ी महिलाएं वर्तमान में मधुमक्खी पालन के माध्यम से शहद उत्पादन के साथ-साथ मोमबत्ती, साबुन एवं विभिन्न औषधीय उत्पाद तैयार कर रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
महिलाओं का कहना है कि सरकार की इस योजना ने उन्हें स्वरोजगार का अवसर प्रदान किया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे समाज में एक नई पहचान बनाने में सफल हुई हैं।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति विकास भवन, हाथरस स्थित कमरा नंबर-103 में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।







